है शेहजार एक सेतु, जया सिबू
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| है शेहजार एक सेतु, जीवन का दर्पण, होना परिपूर्ण सर्वत्र, ३६ तत्वों में। आत्म निरीक्षण का जहाँ है अपनाना, “स्व” को जगत हित के लिए संजोये रखना। स्थिर भाव में संस्कृति, जीवन मूल्यों को प्रफुलित करना, प्रवास की अवधि में अनुभव करना। जो है वास्तव में, अग्नि परीक्षा पग-पग पर, सत्य का सूर्य है आंतरिक, घनीभूत रूप में। “सत्यमेव जयते” का प्रकाश का स्वरूप, चन्द्रमा की चन्द्रिका है आध्यात्मिक प्रवृत्ति। आनन्द एक अनुभव, तारे हैं आश्वासन पारस्परिक, श्वेत ज्योति, भागवत करुणा, “लल्लेश्वरी” का वाख। शिव समग्र, सनातन, निर्द्वंद्व अभिव्यक्ति में, आत्मविश्लेषण शैव परंपरा के दर्पण में। सर्वत्र ३६ तत्वों में तत्सम तद्भव होने का, यही मिल.चार का संदेश, जीवन का गहन अनुभव। | |
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Jaya Sibu | |