मुरली

 
मुरली

 

 

लेखिका: मिनाक्षी रैना

 
मुरली में मधुर मदिरा, मोहन ने जो मिलाई
गोपियाँ संग गयाँ, झूमी चली हैं आईI

देखो लचक के कैसे, राधा बनी दीवानी ,
जूम जूम कर वो, पिगल के बनी पानीI
प्रभु की रची लीला, कोई भी न जाने ,
स्वंय प्रभु है संग, यह राधा भी न मानेI

मुरली में मधुर मदिरा, मोहन ने जो मिलाई
गोपियाँ संग गयाँ, झूमी चली हैं आईI

स्थल यह मथुरा का, श्रेष्ठ है और पावन,
धन्य हुई मथुरा, पड़े जो प्रभु के चरणI
कोई कहे गिरिधर, कोई कहे गोपाला,
कोई कहे कान्हा, तो कोई मुरलीवालाI

मुरली में मधुर मदिरा, मोहन ने जो मिलाई
गोपियाँ संग गयाँ, झूमी चली हैं आईI

रूठी हुई हैं गोपियाँ, छेड़े है घट पे कान्हा,
सुना के नई धुन, देखो मनाए मोहनाI
एक से बन कर अनेक, कृष्णा नाचे सब के संग
अपने ही रंग में रंग दे, कान्हा तेरे यह रंगI

मुरली में मधुर मदिरा, मोहन ने जो मिलाई
गोपियाँ संग गयाँ, झूमी चली हैं आईI
Meenakshi Raina lives in Toronto, Canada. Passed her B.Sc Electronics from GGM Science college Jammu and Masters in Management Studies from MMS University, Mumbai in1997. She did her 10th standard from CASET Karan-Nagar and later migrated to Jammu after 12th.

Currently is in the process of writing a book - a historical fiction based on the mass exodus of Kashmiri Pandits. She has been encouraged from the articles in Shehjar for providing in depth knowledge and understanding of Kashmiri culture and heritage.
Comments
ROCK ON MADAM......ALL THE GOOD WISHES ARE THERE FOR U....LOOKING FORWARD FOR COMPLETION OF YOUR BOOK....WAARQAAR......
Added By DINESH KOUL
Good work Meenakshi ji, of all the paths to reach for,devotion to the Lord, is the best and without much of the complexities of logic and dry run of wavering thoughts. Lord bless you and we all are with you for your future project/s. Regards Susheel..
Added By Susheel Tikoo
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